The 2-Minute Rule for hindi poetry

माँग माँगकर भ्रमरों के दल रस की मदिरा पीते हैं, हिम श्रेणी अंगूर लता-सी फैली, हिम जल है हाला, चित्रपटी पर नाच रही है एक मनोहर मधुशाला।।४२। जलतरंग बजता, जब चुंबन करता प्याले को प्याला, सुरा-सुप्त होते मद-लोभी जागृत रहती मधुशाला।।३७। बैर बढ़ाते मस्जिद मन्दिर